आज बौद्ध धम्म की लोकप्रियता व्यापक रूप से बढ़ रही है। लाखों लोग बौद्ध धम्म के सिद्धांतों से प्रभावित होकर इसे अपना रहे हैं, लेकिन पर्याप्त और सटीक जानकारी के अभाव में वे अपने दैनिक जीवन के महत्त्वपूर्ण कार्यों—जैसे गृह प्रवेश, गृह पूजन, शादी-विवाह, या जीवन-मरण से संबंधित रीतियों को बौद्ध धम्म के अनुरूप करने में स्वयं को असमर्थ पाते हैं।
परिणामस्वरूप, धम्म को अपनाने के बावजूद, उन्हें अंततः उन पुरानी, कर्मकांड-प्रधान पाखंडवादी परंपराओं को फिर से अपनाना पड़ता है जिन्हें वे छोड़ चुके होते है।
“बौद्धमय गृह पूजन पद्धति” आपकी इसी दुविधा का सरल और सीधा समाधान है!
यह पुस्तक आपको सिखाती है कि गृह पूजन (गृह प्रवेश) या घर में सुख-शांति के लिए की जाने वाली पूजा का स्वरूप ब्राह्मणवादी परंपरा से एकदम अलग, अत्यधिक सरल और समण परंपरा पर आधारित है।
इसमे आप पायेंगे;
अंधविश्वास और कर्मकांड से मुक्ति: यह पद्धति बुद्ध, धम्म और संघ के स्मरण, करुणा-मैत्री के भाव और सम्यक जीवन को केंद्र में रखती है।
सरल, चरण-दर-चरण विधि: गृह प्रवेश, गृह पूजन और परिवार की सुख-शांति के लिए की जाने वाली पूजा विधि का व्यावहारिक और आसान मार्गदर्शन।
प्रेम, समानता और सम्मान का मार्ग: जानिए कैसे धम्म हमें एक-दूसरे के साथ प्रेम, समानता और सम्मान से रहने का सीधा और प्राकृतिक तरीका सिखाता है।
व्यक्तिगत और सामाजिक उन्नति: स्वयं की उन्नति के साथ-साथ अपने समाज और राष्ट्र की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करें।
यह केवल एक पूजा पद्धति की किताब नहीं है; यह धम्म-आधारित जीवन जीने का एक सीधा और सरल तरीका है! इसे अभी खरीदे!





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